इश्क –ए –दास्तां ❣️—२
चाहत ने चाहत को चाहा इस कदर... हम ने उन्हें मांगा इस कदर... उन्हें रूठने का हक़ दिया... और हमने मनाया इस कदर ...
दिल से दिल का हाल सुनाए कैसे... हर पल जो आए... उन ख्यालों को छुपाए कैसे। उनके कदमों के आहट को पहचाना हमने, हर कदम पे उन्हें भुलाए कैसे...
बेवजह जिंदगी को वजह मिल गई, तुम्हारी मोहब्बत में हर खुशी मिल गई, मेरी रूह से तुम्हारी रूह मिल गई, जैसे मुर्दे को एक नई जिंदगी मिल गई।
hema mohril
24-Mar-2025 03:07 AM
v nice
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aman
23-Mar-2025 12:14 PM
superb 🥰
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